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यूके में आम लोगों की बैटरी: दिन की बर्बाद होती सौर ऊर्जा को रात में इस्तेमाल करने का नया तरीका

यूके में आम लोगों की बैटरी: दिन की बर्बाद होती सौर ऊर्जा को रात में इस्तेमाल करने का नया तरीका

यूके में आम लोगों की बैटरी: सोलर ऊर्जा की दिन की अतिरिक्त बिजली को स्टोर करके रात में इस्तेमाल। आम लोग अब ऊर्जा के सह-मालिक बन रहे हैं।” पूरा जानकरी हासिल करिए और अपने छेत्र में भी ऐसी ही योजना अपनाइए|

यूके में आम लोगों की बैटरी

यूनाइटेड किंगडम (UK) में दिन में सोलर पैनलों से बहुत ज्यादा बिजली बनती है, लेकिन रात में बिजली की कमी हो जाती है। तेज धूप वाले दिनों में इतनी बिजली बनती है कि ग्रिड (बिजली का नेटवर्क) उसे पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाता। नतीजा — साफ-सुथरी सौर ऊर्जा बर्बाद हो जाती है।

रे वैली सोलर परियोजना

ऑक्सफ़ोर्डशायर में चल रही रे वैली सोलर परियोजना को ब्रिटेन की पहली सामुदायिक सौर परियोजना कहा जा रहा है। यह परियोजना करीब 7,000 घरों को साफ बिजली दे रही है। लेकिन समस्या यह है कि कुछ दिनों में बिजली की पैदावार ग्रिड की क्षमता से ज्यादा हो जाती है।

समाधान: बड़ी बैटरियां

इस समस्या का समाधान बड़े पैमाने पर बैटरी स्टोरेज सिस्टम है। रे वैली में हाल ही में लगाई गई नई बैटरी प्रणाली 12 मेगावाट-घंटा बिजली स्टोर कर सकती है। यह इतनी बिजली है कि लगभग 1,100 घरों को 4 घंटे तक बिजली दे सकती है।

  • दिन में जब सूरज तेज होता है → अतिरिक्त बिजली बैटरी में स्टोर हो जाती है।
  • शाम को जब बिजली की मांग और कीमत बढ़ जाती है → बैटरी उस बिजली को ग्रिड में वापस छोड़ देती है।

खास बात सार्वजानिक स्वामित्व

इस परियोजना की सबसे अनोखी बात उसका मॉडल है। इसे कोई बड़ी कंपनी नहीं चला रही, बल्कि आम लोग चला रहे हैं।

  • कोई भी व्यक्ति सिर्फ £100 (लगभग ₹10,500) से शुरू करके शेयर खरीद सकता है।
  • शेयर खरीदने वाले लोग इस बिजली प्रणाली के सह-मालिक बन जाते हैं।
  • बिजली बेचने और स्टोरेज से जो मुनाफा होता है, उसे फिर से समुदाय की भलाई में लगाया जाता है।

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समुदाय को कितना फायदा?

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अनुमान है कि इस परियोजना से पूरे जीवनकाल में समुदाय को 13 मिलियन पाउंड (करीब ₹140 करोड़) का फायदा हो सकता है। नई बैटरी के आने से इसमें और 1 मिलियन पाउंड (करीब ₹11 करोड़) का अतिरिक्त लाभ जुड़ सकता है।

यूरोप में बैटरी की होड़

ब्रिटेन के अलावा पूरे यूरोप में यही समस्या बढ़ रही है। सौर और पवन ऊर्जा मौसम पर निर्भर होती है, इसलिए बैटरियों की जरूरत बहुत ज्यादा हो गई है।

अच्छी खबर यह है कि घरेलू बैटरियों की कीमत 2010 के मुकाबले 90% कम हो चुकी है। अब कई ऊर्जा कंपनियां सोलर पैनल के साथ बैटरी भी बेच रही हैं।

निष्कर्ष:

रे वैली सोलर परियोजना सिर्फ बिजली बनाने और स्टोर करने का प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह आम लोगों को अपनी ऊर्जा का मालिक बनाने का एक नया तरीका है। यह मॉडल दिखाता है कि साफ ऊर्जा को बर्बाद होने से बचाने के साथ-साथ समुदाय को आर्थिक रूप से भी मजबूत किया जा सकता है।

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