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National Roots Day 2025: क्या है नेशनल रूट्स डे? जानें इसका महत्व, इतिहास और मनाने का तरीका

National Roots Day

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आईए आपको “National Roots Day” के बारे में संपूर्ण जानकारी बहुत ही सरल और संस्कृति के प्रति आकर्षक शब्द में देखने को मिलेंगे जो हमें आधुनिक दुनिया से पुरानी दुनियां में ले जाते हैं। यह लेख बहुत ही सरल और रोचक शब्दों में लिखा गया है, कृपया करके पूरा आर्टिकल पढ़िएगा।

National Roots Day: नेशनल रूट्स डे का मतलब अपनी जड़ों को याद करना यहां “जड़” सिर्फ पौधों का जड़ नहीं बल्कि हमारी पहचान, संस्कृति परंपरा और इतिहास भी है जिस तरह पेड़ अपनी जड़ों के बिना खड़ा नहीं रह सकता वैसे ही इंसान अपनी जड़ों के बिना अधूरा और अकेलापन महसूस करता है।

कई देशों में इसे रूट या रूट्स से जुड़े दिवस के रूप में मनाया जाता। है कुछ जगहों पर “रूट वेजिटेबल डे” जड़ वाली सब्जियों का दिवस के रूप में भी मनाते हैं जो आमतौर पर 23 दिसंबर को मनाया जाता है इस दिन का उद्देश्य लोगों को यह समझना है की जड़े जीवन का आधार चाहे वह खेत की हो या हमारी सभ्यता की।

इस दिन लोग अपने पूर्वजों , गांव घर , भाषा , रीति रिवाज और संस्कृति को याद करते हैं एक विशाल उत्सव मनाते हैं उस उत्सव में गाजर, मूली , चुकंदर, शकरकंद जैसी जड़ वाली सब्जियों के महत्व को भी बताया जाता है क्योंकि यह सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं भोजन में इन्हीं की सब्जियां बनाए जाते हैं।

National Roots Day क्या है?

National Roots Day “नेशनल रूट्स डे” एक ऐसा दिन होता है, जब लोग अपनी पुरानी संस्कृति को याद करते है, और उनका सम्मान करते है। इस दिन लोग पूर्वजों, पुरानी वस्तुओं को मन से प्यार से सम्मान अर्पित करते है और इस लोग जड़ों वाली सब्जियों के महत्व को समझते है, और इन्हीं का आहार करते है।

इतिहास (History)

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“National Roots Day” का इतिहास किसी एक देश, सरकार या संयुक्त राष्ट्र से औपचारिक रूप से जुड़ा हुआ नहीं। या कोई बहुत पुराना है या सरकारी अवकाश नहीं है, बल्कि यह एक आधुनिक जागरूकता आधारित दिवस माना जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को अपनी जड़ों के महत्व को समझने या समझाने का है।

समय के साथ जब दुनिया तेजी से आधुनिक होती गई, लोग अपनी संस्कृति, परंपरा , गांव, भाषा और पूर्वजों से दूर होने लगे। इसी सोच के बीच “National Roots Day” यानी इस राष्ट्रीय दिवस मतलब “जड़ों” को याद करने का थॉट सामने आया। धीरे-धीरे सामाजिक संगठनों, शिक्षकों और सांस्कृतिक समूहों ने इस दिन को पहचान और आत्म चिंतन के प्रतीक रूप में मनाना शुरू किया।

कई जगहों पर इसे जड़ वाली सब्जियों और प्रकृति से जोड़कर भी देखा जाता है। इसी कारण हर साल 23 दिसंबर को सभी लोग मिलकर अपने पूर्वजो ,संस्कृति, परंपरा, पुरातन सामग्री और सभ्यता को मिलजुल कर या एकजुट होकर मनाते है, जिससे “मानव एकजुटता दिवस” का एहसास होता है। परंतु यह कोई सार्वभौमिक , अधिकारिक दिवस नहीं हैं, बल्कि आत्मविश्वास, प्यार, भाईचारा, संस्कृति, अतीत और सभ्यता के प्रति मिलजुल कर खड़े होने का दिन है।

National Roots Day कैसे मनाएं?

National Roots Day को कई तरीके से मनाया जा सकता है जिसमें अपनी जड़ों को याद करें जैसे—

. अपने माता-पिता, नाना नानी, या बुजुर्गों से परिवार का इतिहास सुने।
. अपने गांव, कस्बे और बचपन की यादें साझा करें पुराने दोस्तों से मिले।
. अपनी संस्कृति और परंपरा को अपनाएं
. अपनी मातृभाषा से बात करें।
. लोकगीत, कहानियां या पुरानी परंपराओं को जाने

. बच्चों को अपनी पुरानी संस्कृति और परंपरा के बारे में बताएं
. घर में जड़ों वाली सब्जियां बनवा कर आनंद उठाएं।
. इनकी स्वास्थ्य लाभ पर चर्चा करें और जागरूकता फैलाएं
. प्रकृति का देखभाल करें।

. प्लास्टिक पॉल्यूशन से बचने के उपाय ढूंढे।
. समाज में एकजुट होने तथा शांति का परिचय दें।
. सोशल मीडिया पर हैप्पी “National Roots Day” लिखकर एक दूसरे से पोस्ट साझा करें।

निष्कर्ष (Conslusion)

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‌”National Roots Day” हमें आईना दिखाता है कि हम कितनी भी ऊंचाई पर क्यों न पहुंच जाए, हमारी असली शक्ति हमारी जड़ों में ही छुपी हुई होती है। मोबाइल, शहर और आधुनिक दुनिया हमें आगे तो ले जाती हैं, परंतु जड़ों से जोड़कर ही हमें इंसान बनाए रखती है क्योंकि हमारी संस्कृति ही आधुनिक समय में सर्वोपरि है।

हमारी संस्कृति, परंपरा और सभ्यता ही हमारी पहचान है, कोई भी शख्स अपनी संस्कृति नहीं खोना चाहता परंतु हमें किसी बुरे हालातों पर छोड़ना पर जाता है, गांवों में खेती तो होती है, पर किसानों के पास नहीं जमींदारों के पास होती है, रोजगार नहीं होते, गरीबी और भुखमरी अलग रहती है, इसी कारण लोग मजबूरन गांव छोड़ते है, और शहर में मज़दूरी करने जाते है, जिससे उनका जीवन यापन केटी सके।

और प्राकृतिक आपदा से घायल हुआ मनुष्य सब कुछ छोड़कर अलग ही दुनियां बसा लेता है, और दूसरी संस्कृति अपनानी पड़ती है। लेकिन हमें पुरानी संस्कृति और आधुनिक संस्कृति दोनों का आदर और सम्मान करना है, यही हमारा कर्तव्य और धर्म है।

सारांश (Summary)

इस लेख में आपको “National Roots Day” के बारे में संपूर्ण जानकारी बहुत ही सरल और संस्कृति के प्रति आकर्षक शब्द मिलेंगे जो हमें आधुनिक दुनिया से पुरानी दुनियां में ले जाते हैं। यह लेख बहुत ही सरल और रोचक शब्दों में लिखा गया है, कृपया करके पूरा आर्टिकल पढ़िएगा।

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