कमरख को स्टार फ्रूट्स भी कहते है लेकिन कहीं जगहों पर इसे कारंबोला (Carambola) भी कहा जाता है। Star fruit खाने के फायदे व नुकसान दोनों है परंतु फायदे ज्यादा है और नुकसान कम है यह फ्रूट्स भारत में केरल जैसे राज्यों में पूर्ण रूप से पाया जाता है इसके अलावा यह कर्नाटक, तमिलनाडु , महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और गुजरात में भी काफी पाया जाता है।
Star fruit नाम कैसे पड़ा?

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कमरख फल काटने पर स्टार जैसे आकृति देता है इसलिए इसको ज्यादातर जगहों पर स्टार फ्रूट ही कहते है लेकिन इसको कैम्बोला, कमरख और संस्कृत ग्रंथों में इसे अमृदंग भी कहते है।
कमरख का स्वाद कैसे होता है और इससे क्या बनाया जा सकता है?
कमरख का स्वाद खट्टा मीठा दोनों होता है लेकिन ज्यादातर खट्टा होता इसलिए इसे विटामिन c से भरपूर फल मन जाता है| इस फल से चटनी भी बनाई जाती है जो लोगो को बहुत पसंद आती है कुछ लोग तो चटनी को महीनो तक खाते है यह चटनी वाकई मजेदार और स्वादिस्ट होती है|
स्टार फ्रूट्स खाने के फायदे व नुकसान
फायदे:
कमरख खाने के फायदे अनेक है यह इम्युनिटी बढ़ाता है मतलब इसमें विटामिन C भरपूर मात्रा में पाया जाता है जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है।
पाचन: फाइबर की अधिकता कब्ज दूर करने और पाचन सुधारने में सहायक है जिससे पेट की समस्या खत्म होती है और दूर रहती है।
हृदय स्वास्थ्य: पोटेशियम और सोडियम रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद करते है जिससे हृदय स्वास्थ्य रहता है और हार्ट अटैक आने की संभावना कम रहती है।
वजन घटाने में सहायक: कमरख फल कम कैलोरी और अधिक फाइबर वाला फल है जो वजन घटाने में सहायता करता है और शरीर की चर्बी को भी कम करता है।
नुकसान:
किडनी की समस्या: इसमें ऑक्सलेट अधिक होता है, जो किडनी के मरीजों के लिए बेहद घातक है।
एलर्जी: कुछ लोगों को इसे खाने से खुजली या सूजन की समस्या हो सकती है इसलिए इस फल को एलर्जी वाले मरीज न खाएं।
स्टार फ्रूट्स (Star fruit) का पौधा कहां पाया जाता है?
कमरख का पौधा मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है।
कहां पाया जाता हैं?
यह मूल रूप से दक्षिण पूर्व एशिया +मलेशिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस) का पौधा है। भारत में यह केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे गर्म और नमी वाले राज्यों में बहुतायत से मिलता है।
पेड़ की विशेषताएं

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ऊंचाई: इसका पेड़ माध्यम आकार का होता है, जो लगभग 20 से 30 फीट तक ऊंचा हो सकता है।
पत्तियां: इसकी पत्तियां छोटी, अंडाकार और गहरे हरे रंग की होती है। ये छूने पर हल्की संवेदनशील भी हो सकती है।
फूल: पेड़ पर छोटे, गुच्छेदार और बैंगनी या गुलाबी के सुंदर फूल आते है जो प्राकृतिक को सुंदर बनाता है।
फल: इसके फल शाखाओं पर सीधे लटकते है कच्चे होने पर ये हरे और पकने पर सुनहरे पीले रंग के हो जाते है।
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Writer — Dipanshu










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