हर साल 26 नवंबर को मनाया जाने वाला “राष्ट्रीय केक दिवस” (National Cake Day) दुनिया भर के मीठा पसंद करने वालों के लिए एक विशेष दिन होता है मीठा में जो लोग केक का सेवन करते हैं उनके लिए यह दिन स्पेशल होता हैं।
क्योंकि केक को अपने हर खुशियों में अपनाते हैं लाते हैं जैसे बर्थडे, एनिवर्सरी, इंगेजमेंट, मैरिज आदि अनेकों उत्सव में खुशियां लाने के लिए केक को हिस्सा बनाते हैं।
केक क्या है ( What is Cake)?
केक एक ब्रेड, मीठा और स्वादिष्ट व्यंजन है जो आमतौर पर मैदा चीनी मक्खन और अंडे या तेल जैसी सामग्रियों से बनता है। और इसे फूलने के लिए दूध या पानी और बेकिंग पाउडर या खमीर की आवश्यकता होती है अक्सर जन्मदिन शादी जैसे खास मौका पर खाया जाता है खाने से पहले से सजाकर सुनहरे चाकू से काटा जाता है। और इसे विभिन्न फलों के प्रेम या अन्य पदार्थ से सजाया जाता है।
केक शब्द उत्पत्ति कहां से हुई?
केक शब्द की उत्पत्ति वाइकिंग या पुराने नार्श शब्द “काका” से हुई है जो लगभग 13वीं शताब्दी में जानकारी में आया था यह शब्द जर्मनिक भाषाओं में पाया जाता है जैसे कि जर्मन “कूचेंन” मतलब सेके हुई ब्रेड, रोटी जैसे किसी छोटे गोले सेकें हुवे पदार्थ के लिए किया जाता था।
यह शब्द अंग्रेजी में आया और फिर धीरे धीरे आधुनिक अंग्रेजी का हिस्सा बन गया जिसका नाम केक पड़ा, जिसका अर्थ मीठा, मुलायम और फूले हुवे बेक्ड डेजर्ट के रूप में जाना है।
केक बनाने की विधि:
सामग्री — केक बनाने के लिए अनेकों सामग्री की जरूरत होती है जैसे – मैदा, चीनी, अंडे, मक्खन या तेल और दूध या पानी के मिश्रण से बनाया
जाता है। इसमें स्वाद। जोड़ने के लिए फलों की प्युरी, नींबू या वनीला और मक्खन जैसे तरल पदार्थ जोड़े जाते है।
पकाने की विधि — इसे ओवन में पकाया जाता है, लेकिन कुछ प्रकार के केक को कढ़ाई व तवे पर भी तला जाता है। जिससे इसके कई प्रकारबन जाते है, और। खाने में भी स्वादिष्ट लगने लगते है।
सजावट — इसे अक्सर आइसिंग, फ्रस्ट्रिंगिंग, क्रीम या मार्जिपन जैसी चीज़ों से सजाया जाता है।
राष्ट्रीय केक दिवस की शुरुआत कहां हुई थी?
राष्ट्रीय केक दिवस की शुरुआत अमेरिका में हुई थी, बल्कि भारत में पहला केक केरल के थाला रसेदी में 1883 में बनाया गया था। केक का इतिहास बहुत पुराना है इसकी जड़े प्राचीन मिस्र और यूनान से जुड़ी है जहां शहद और ब्रेड से बने शुरुआती साक्ष्य पाएं गए है। जिससे पता लगता है, केक का इतिहास बहुत पुराना है।
सबसे पहले भारत में पहला केक माम्बली बापू द्वारा 1883 में बनाया गया था।

जन्मदिन पर केक क्यों काटा जाता है?
जन्मदिन पर केक काटने की परंपरा बहुत पुरानी है, यह परंपरा जर्मनी से शुरू हुई थी जहां बच्चों के जन्मदिन पर केक काटा जाता था। इस परंपरा के पीछे केक के महत्व और प्रतीक की भावना होती थी जिसे, हम खुशियों में, मीठा खाने में, हर एक उत्सव का जीवन में हिस्सा बनाते थे।
इससे हमें प्रेम, भाईचारा, और मिल बांट के खाने की शिक्षा प्राप्त होती थी। इसलिए जन्मदिन पर केक काट के ही बर्थडे सेलिब्रेट किया जाता है।
ख़ास क्यों है, केक?
. केक सिर्फ मैदा और चीनी जैसे पदार्थों का मिश्रण नहीं है, बल्कि यह कई भावनाओं और यादों का प्रतीक है।
. यह खुशी और एकजुटता का प्रतीक है, जिसमें हम लोग एक होके खुशियां बांटते है।
. यह कला और सभ्यता का ज्ञान देता है, हमारी पुरानी यादों का ताजा करता है, अपनी संस्कृति, परंपरा का अनुभव कराता है।
राष्ट्रीय केक दिवस को कैसे मनाएं?
राष्ट्रीय केक दिवस को हर खुशी में हिस्सा बनाए, कुछ खाने के बाद मीठा में इसका हिस्सा बनाएं, अपने पसंदीदा केक का आनंद दोस्तो और परिवार वालो के साथ ले जिससे इस दिन को यादगार बनाएं।
या केक को स्वयं से बनाकर इसका आनंद ले, और इसको मार्केट में प्रमोट करे।
सोशल मीडिया पर “happy cake day” सभी को लिखकर विश करे और एक दूसरे को भेजे।
निष्कर्ष:
केक सिर्फ खाने का हिस्सा नहीं होता बल्कि हर खुशियों में अपनाने का हिस्सा होता है, जिससे हर उत्सव का रंग और बढ़ जाता है। और जिससे सभी लोगों के साथ मिल बांट के केक खाने का आनंद प्राप्त हो।
सारांश:
इस लेख में राष्ट्रीय केक दिवस ( National Cake Day) का वर्णन सरल शब्दों में किया गया है जो कि आपको समझने में आसानी हो और आप भी अपने पसंदीदा केक का सेवन करें और आनंद ले।

















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