राम मंदिर ध्वजारोहण 2025:
राम मंदिर विश्व की सबसे प्रमुख मंदिरों में से एक है यह मंदिर राम की जन्मभूमि अयोध्या में बनाई गई है। राम जी त्रेतायुग के महान व्यक्ति या मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम थे। उनका जन्म राज्य दशरथ के घर अयोध्या में हुआ था। उसी के परिपक्ष्य से अयोध्या में राम मंदिर बनाया गया जिसका ध्वजारोहण 25 नवंबर 2025 को वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा संपन्न हुआ था।

राम मंदिर ध्वजारोहण
इस ध्वजारोहण में अनेक अतिथि गढ़ शामिल हुवे जिसमें बाबरी मस्जिद के हिस्सेदार और भारत के महान मुस्लिम नागरिक इकबाल अंसारी, और सोनभद्र के आदिवासी, तथा उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, RSS प्रमुख मोहन भागवत आदि अतिथिगण शामिल थे। सुरक्षा में लगे 10000 पुलिसकर्मी आदि सम्मिलित थे।
राम मंदिर बनने की शुरुआत कब हुई थी?
राम मंदिर बनने से पहले इसकी मातृभूमि और भूमिपूजन 5 अगस्त 2020 को नरेंद्र मोदी जी ने किया था, और इसके तत्पश्चात मंदिर बनने में जोड़ो तोड़ो से काम लग गया, 22 जनवरी 2025 को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई जिसमें नरेंद्र मोदी जी शामिल थे, इसके पश्चात 25 नवंबर को राम मंदिर का ध्वजारोहण हुआ, इसमें विशेष अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी थे, उन्हीं के हाथों ध्वज फहराया गया, और उसकी स्थापना हुई।
मंदिर बनने के लिए लोगो द्वारा लगभग 3000 करोड़ से ज्यादा चंदा आया था, लेकिन इसमें लगभग 1800 करोड़ रुपए तक लगा और ध्वजारोहण के बाद मंदिर का कार्य पूर्ण रूप से सम्पन्न हुआ।
राम मंदिर के संचालन और प्रबन्ध की जिम्मेदारी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के 15 सदस्य की है, जिसमें इस ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और इसके महासचिव चंपत राय है।
अन्य शामिल सदस्य—
. के पराशरण (वरिष्ठ वकील)।
. स्वामी वासुदेवा नंद सरस्वती (ज्योतिष्पीठाधीश्वर)।
. स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ जी महाराज (पेजावर मठ)।
. युगपुरुष परमानंद जी महाराज
. विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ( अयोध्या राज परिवार)।
. स्वामी देव गिरी जी महाराज
. डॉ. अनिल मिश्रा (होमियोपैथिक अस्पताल)।
. नृपेंद्र मिश्रा ( राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष)
. अवनीश कुमार अवस्थी।
. अनुज कुमार झा ( अयोध्या मजिस्ट्रेट)।
. महंत सुनेंद्र नाथ देश( निमोही अखण्डा)
. कामेश्वर चौपाल ( दलित अध्यक्ष) ।
राम मंदिर पर लोगों द्वार विवादित बयान:
राम मंदिर पर AIMIM नेता वारिस पठान ने ध्वजारोहण के समय नरेंद्र मोदी जी के तंज कसा उन्होंने कहां वहां पर मस्जिद थी, और कयामत तक रहेगी, और साथ नरेंद्र मोदी को मुस्लिम विरोधी भी कहा है, उन्होंने कहा प्रधानमंत्री का कर्तव्य देश के प्रत्येक नागरिक के लिए होता है, चाहे वह किसी भी धर्म से तार्कुल रखे परंतु मोदी जी सिर्फ हिंदुओं के लिए ही काम करते है, ऐसे ही अनेकों बयान वारिश पठान ने दिया।
और साथ ही जगत गुरु रामभद्राचार्य जो ध्वजारोहण समारोह में निमंत्रण न मिलने पर अयोध्या में कार्यरत महंत को दोषी बताया और उन्होंने कहां मेरा न होना मेरे लिए सौभाग्यशाली नहीं था, ऐसा ही एक बयान अयोध्या के मौजूदा सपा सांसद ने भी निमंत्रण न मिलने पर सोशल मीडिया पर गहरा सौंख जताया।
राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह में कितने मीटर का ध्वज लगा था?
राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह में लगभग 7 कारीगरों ने मिलकर ध्वज का निर्माण किया था, इसका रंग भगवा था, और यह 161 फुट ऊंचे मंदिर शिखर और 42 फुट ऊंचे ध्वज के अनुपात में तैयार किया गया था, इसको चारों और से घूमने के लिए बॉल बेयरिंग आधारित चैंबर तैयार किया गया था।
निष्कर्ष:
राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह का अर्थ सिर्फ राम मंदिर का संपूर्ण रूप से तैयार होना नहीं, बल्कि संपूर्ण हिंदू एकता तक संदेश पहुंचाना, देश में राम भक्तों को प्रकाशित करना आदि है।
सारांश:
इस लेख में राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह उससे जुड़े विवादित बयान का संपूर्ण वर्णन सरल शब्दों में किया गया है जो कि आपको समझने में आसानी हो।
















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