भारत का 77वाँ गणतंत्र दिवस आज देशभर में मनाया जा रहा है। कर्तव्य पथ पर परेड, ‘विकसित भारत’ की झांकियाँ और सैन्य शक्ति के प्रदर्शन की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें। इस लेख में सम्पूर्ण बातों का उल्लेख है, जो आज के दिन किसी खास जगह पर घटी है इसलिए इस लेख को पूरा पढ़ें।
भारत का 77वाँ गणतंत्र दिवस:

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भारत का 77वाँ गणतंत्र दिवस 2026 कर्तव्य पथ पर परेड और मुख्य आकर्षण आज पूरा देश 77वाँ गणतंत्र दिवस गर्व और उत्साह के साथ मना रहा है। नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड ने न केवल भारत की बढ़ती सैन्य ताकत को दुनिया के सामने रखा, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक भी पेश की।
समारोह की मुख्य झलकियाँ

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ध्वजारोहण और सलामी: राष्ट्रपति ने कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराया, जिसके बाद 21 तोपों की सलामी और राष्ट्रगान की गूंज ने देशभक्ति का संचार किया।
नारी शक्ति का दबदबा: इस बार की परेड में महिला सैनिकों, पायलटों और विभिन्न टुकड़ियों के नेतृत्व ने ‘महिला सशक्तिकरण’ के प्रति भारत के संकल्प को दर्शाया।
आत्मनिर्भर भारत: परेड में स्वदेशी रूप से विकसित हथियार प्रणालियों और रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन किया गया, जो भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक बने।
भव्य फ्लाई-पास्ट: भारतीय वायुसेना के विमानों ने आकाश में हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिसमें स्वदेशी लड़ाकू विमान आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे।
सांस्कृतिक विविधता और झांकियां

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विभिन्न राज्यों और मंत्रालयों की झांकियों ने “विकसित भारत 2047” की थीम पर आधारित अपनी कला और प्रगति को प्रदर्शित किया। इसमें प्राचीन परंपराओं से लेकर आधुनिक तकनीकी विकास तक का सफर बखूबी दिखाया गया।
इस बार श्री “बंकिमन्द्र चटर्जी ” की प्रतिमा झाकियों द्वारा दिखाई जा रही है , क्योकि बंकिम चन्द्र चटर्जी “रास्ट्रीय गीत” वन्दे मातरम की रचना की थी| और वे भारतीय स्वतंत्रता सेनानी के एक युवा नेता भी थे|
प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संदेश
प्रधानमंत्री ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए ‘कर्तव्य बोध’ पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संविधान हमारी सबसे बड़ी शक्ति है और हर नागरिक का योगदान भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए अनिवार्य है।
गणतंत्र दिवस 2026 की थीम क्या है?

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“विकसित भारत, और नारी शक्ति” इस बार हमारा यही थींम है। परंतु हमें सोचना है कि विकसित भारत कब तक बनेगा और नारी शक्ति कब आत्मनिर्भर नारी बनेगी जो स्वयं की रक्षा और खुद का विकास कर सके इस तरह के हमारे सवाल देश के नेताओं और मुख्यमंत्री, और प्रधानमंत्री से होना चाहिए।
ये हमारा हक है, कि हमें सवाल पूछना है, क्योंकि संविधान हमें कहता है, कि अपने हक के लिए लड़ो और संघर्ष करो, इसलिए तो हम हर साल गणतंत दिवस मनाते है, क्योंकि इसी दिन हमारा संविधान पूर्ण रूप से लागू हुआ था, और उसी के कानून और व्यवस्था से हमारा देश चलता है, संविधान का निर्माण बाबा साहब भीम राव अंबेडकर और वरिष्ठ लोगों द्वारा किया गया था।
निष्कर्ष
77वाँ गणतंत्र दिवस केवल एक समारोह नहीं, बल्कि एक सशक्त, सुरक्षित और एकजुट भारत का प्रतिबिंब है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारे लोकतंत्र की नींव कितनी मजबूत है और हमारा भविष्य कितना उज्ज्वल।
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संविधान का सम्मान, राष्ट्र का निर्माण”
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“जय हिंद जय भारत” !













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