थैंक्सगिविंग डे: यह डे हर साल नवंबर के चौथे गुरुवार को संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा जैसे देशों में मनाया जाता है यह दिन अबकी बार 27 नवंबर को पड़ा है। इस दिवस के दिन अमेरिका में सरकारी अवकाश रहता है, और वहां के नागरिक भगवान को धन्यवाद करते है, और कहते हैं कि आप के वजह से हमारे बच्चें और हम लोग फल, अन्य और इत्यादि प्रकार की सुविधा आप से पा रहे है, जिससे हमारा जीवन चल रहा है, यह दिन ईश्वर को शुक्रिया अदा करने का ख़ास मौका होता है।
थैंक्सगिविंग डे क्यों मनाया जाता है?

थैंक्सगिविंग डे
थैंक्स गिविंग डे हर साल हम इस दिवस को इसलिए मनाते है, क्योंकि यह दिन आभार व्यक्त करने का एक खास मौका है, जो 1621 में पीलग्रिम्स और वाम्पनोएग लोगो के बीच हुई फसल के कटाई के उत्सव के रूप में शुरू हुआ था। यह परिवार और दोस्तों के साथ जीवन के आशीर्वादों और उदारता के लिए धन्यवाद देने का ख़ास मौका है।
यह डे शरद ऋतु के दौरान दुनिया भर में इसी नाम से कई फसल उत्सव मनाया जाते हैं हालांकि थैंक्स गिविंग की ऐतिहासिक जेड धार्मिक और साइंस क्रांतिक परंपरा ऑन से जुड़े हुए हैं लेकिन इसे लंबे समय से एक धर्मनिरपेक्ष अवकाश के रूप में भी मनाया जाता है। सन 1863 में अब्राहम लिंकन इसे राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया था।
थैंक्सगिविंग डे मनाने के क्या पहलू थे?
ऐतिहासिक शुरुआत:
इसकी शुरुआत 1621 में हुई थी जब अप्लाई मोठ के उपनिवेश वासियों ने स्थानीय मूल अमेरिकियों वैम्पनोएग के साथ मिलकर शरद ऋतु की अच्छी फसल का जश्न मनाया था। और भगवान को धन्यवाद किया तब से यह दिन थैंक्सगिविंग डे रूप में मनाया जाने लगा।
नतमस्तक होना:
यह त्यौहार ईश्वर परिवार दोस्तों और प्रकृति के उदारता के लिए आभार व्यक्त करने का एक तरीका है इस दिन को उत्सव में बदलते हैं और घर वालों और दोस्तों के साथ भगवान का आभार व्यक्त करते हैं।
एकजुटता का समय:
यह परिवार और दोस्तों के साथ होने, एक साथ भोजन करने, और एक दूसरे के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का खास मौका है।
दयालुता और दान:
इस दिन लोग दूसरों की मदद करने के लिए इच्छुक होते हैं जरूरतमंदों और गरीबों को स्वेच्छा से दान करते हैं।
मनाने का कारण:
यह दिन अमेरिका के मूलनिवासियों और ऐतिहासिक परंपराओं को अपनाने वालों का सम्मान का दिन होता है, और साथ ईश्वर को धन्यवाद व्यक्त करते है।
भारत में थैंक्सगिविंग डे कैसे मनाते है?
भारत में थैंक्सगिविंग डे पारंपरिक रूप से नहीं मनाया जाता क्योंकि यह अमेरिका का उत्सव है लेकिन भारतीय इसे मना सकते हैं कोई रोक-टोक नहीं है अपने मनपसंद का व्यंजन, दावत , आयोजन पर दोस्तों को बुलाकर परिवार वालों के साथ इस दिवस का आनंद ले सकते हैं|
इस दिन मिठाई डेजर्ट केक काटकर और अमेरिका में रहने वाले दोस्तों को उपहार भेजकर , तथा ईश्वर को प्रकृति, वायु, सुंदर पर्यावरण के लिए धन्यवाद करके मनाया जा सकता है।
भारत ही नहीं बल्कि 13 से ज्यादा देशों में फसल उत्सव मनाया जाता है। सभी अपनी परंपरा और संस्कृति के साथ इस उत्सव की आनंद से मनाते है।
भारत में फसल उत्सव का आनंद को आप थैंक्सगिविंग डे में बदल सकते है, अगर आप थैंक्सगिविंग डे की भावना को अपनाना चाहते है, तो आप पोंगल, ओढ़म या मकर संक्रांति जैसे भारतीय फसल उत्सव को थैंक्सगिविंग डे में बदल सकते है, जो प्रकृति के उपहारों के प्रति आभार व्यक्त करते है।
राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने इसे राष्ट्रीय अवकाश क्यों घोषित किया?
राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने थैंक्स गिविंग डे को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया क्योंकि जब 1863 में गृह युद्ध को समाप्त करने और उत्तरी और दक्षिणी राज्यों के साथ-साथ अमेरिका और आदिवासी राष्ट्रों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने के लिए इस अवकाश की आधिकारिक स्थापना की थी।
निष्कर्ष:
थैंक्सगिविंग डे सिर्फ धन्यवाद करने वाला दिन नहीं है बल्कि यह दिन अमेरिका जैसे देशों के मूल निवासियों और उनके संस्कृति, परंपरा के सम्मान के अवसर से मनाया जाता है।
सबसे पहले मूल निवासियों और तीर्थ यात्रियों के बीच थैंक्स गिविंग भोज हुआ था। लेकिन दशकों पहले, वर्तमान पश्चिमी टैक्सास मारियो ग्रैंड के तट के पास एक और भोज हुआ था उसे भोज में ईश्वर को थैंक्स, धन्यवाद और शुक्रिया अदा उन सभी लोगों ने किया था यह इतिहास बहुत पुराना है।
सारांश:
इस लेख में थैंक्सगिविंग डे के बारे में संपूर्ण वर्णन सरल शब्दों में किया गया है जो कि आपको समझने में आसानी हो और आप भी इस दिन ईश्वर को मन से , प्रेम से सहृदय धन्यवाद करें।
















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