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डेंगू: लक्षण, कारण, बचाव और जरूरी जानकारी

डेंगू: लक्षण, कारण, बचाव और जरूरी जानकारी

आइए जानते है, डेंगू किस प्रकार की बीमारी है, और इस बीमारी को कैसे पहचाना जा सकता है और इससे बचने के घरेलू उपाय क्या है, जो साइंस्टिक्स सिद्ध हुवे है, हम आज डेंगू पर चर्चा करेंगे साथ मिलकर और इससे लड़ेंगे भी और इस बीमारी से जीतेंगे भी तो पढ़ते रहिये और सहयोग करते रहिए और इस लेख को पूरा पढ़ना और अगर जानकारी अच्छी लगे तो दोस्तो में भी भेजना।

डेंगू क्या है?

डेंगू

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डेंगू एक वायरल बीमारी है, जो एडीज (Aedes) मच्छर के काटने से फैलती है। यह मच्छर आमतौर पर साफ पानी में पनपता है और दिन के समय अधिक काटता है। भारत में डेंगू के मामले ज़्यादातर बरसात और उसके बाद के मौसम में देखने को मिलते हैं। सही समय पर पहचान और सावधानी से डेंगू से होने वाली गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

डेंगू शब्द की उत्पत्ति और इसका इतिहास

डेंगू शब्द कहां से आया?

“डेंगू” (Dengue) शब्द की उत्पत्ति को लेकर इतिहासकारों में थोड़ा मतभेद है, लेकिन माना जाता है कि यह शब्द स्पेनिश भाषा के शब्द “Dengue” से आया है, जिसका अर्थ होता है –
👉 अचानक कमजोरी के कारण शरीर का अकड़ जाना या सावधानी से चलना।
पुराने समय में डेंगू से पीड़ित व्यक्ति तेज दर्द और कमजोरी के कारण सीधे चल नहीं पाता था, इसलिए इस बीमारी को यह नाम दिया गया।
कुछ इतिहासकार यह भी मानते हैं कि यह शब्द अफ्रीकी भाषा “Ki denga pepo” से जुड़ा हो सकता है, जिसका अर्थ है – अचानक होने वाला तेज बुखार।

डेंगू की बीमारी सबसे पहले कब पहचानी गई?

डेंगू कोई नई बीमारी नहीं है। इसका इतिहास कई सौ साल पुराना है।
डेंगू जैसी बीमारी का सबसे पहला लिखित वर्णन 1779–1780 के आसपास मिलता है
उस समय एशिया, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों में एक साथ बुखार की महामारी फैली थी
बाद में वैज्ञानिकों ने इसे एक ही बीमारी के रूप में पहचाना, जिसे आज हम डेंगू कहते हैं

सबसे पहले किसे डेंगू हुआ था?

इतिहास में किसी एक व्यक्ति का नाम दर्ज नहीं है, लेकिन माना जाता है कि:
घनी आबादी वाले उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों (Tropical regions) में रहने वाले लोगों को डेंगू सबसे पहले हुआ
जहां मच्छर अधिक होते थे और साफ पानी जमा रहता था
खासतौर पर दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका में

डेंगू वायरस की खोज कब हुई?

डेंगू के कारण को वैज्ञानिक रूप से समझने में समय लगा।
20वीं सदी (1906–1907) के आसपास यह स्पष्ट हुआ कि
👉 डेंगू एक वायरल बीमारी है
बाद में यह भी पता चला कि यह वायरस
👉 एडीज (Aedes) मच्छर के जरिए फैलता है
इसके बाद डेंगू के अलग-अलग प्रकारों (चार प्रकार) की पहचान की गई।

आधुनिक समय में डेंगू

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आज के समय में डेंगू:
एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और भारत में आम है
बढ़ती आबादी, शहरीकरण और जल जमाव इसके फैलने के मुख्य कारण हैं
जागरूकता और रोकथाम से इसके खतरे को कम किया जा सकता है

डेंगू कैसे फैलता है?

डेंगू सीधे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता।
जब कोई मच्छर पहले से संक्रमित व्यक्ति को काटता है, तो वह मच्छर वायरस को अपने अंदर ले लेता है। बाद में वही मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो डेंगू वायरस उस व्यक्ति के शरीर में चला जाता है।

डेंगू फैलने के मुख्य कारण:

घर या आसपास पानी जमा होना
कूलर, टंकी, टायर, गमले में रुका पानी
गंदगी और साफ-सफाई की कमी

डेंगू के सामान्य लक्षण

डेंगू के लक्षण आमतौर पर मच्छर के काटने के 4 से 10 दिन बाद दिखाई देते हैं। हर व्यक्ति में लक्षण एक जैसे नहीं होते, लेकिन आमतौर पर ये लक्षण देखे जाते हैं:
तेज बुखार
सिरदर्द और आंखों के पीछे दर्द
बदन दर्द और जोड़ों में दर्द
थकान और कमजोरी
मतली या उल्टी
त्वचा पर लाल चकत्ते
कुछ मामलों में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती है, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

डेंगू के प्रकार

डेंगू वायरस के चार प्रकार होते हैं।
अगर किसी व्यक्ति को एक बार डेंगू हो चुका है, तो वह उसी प्रकार से कुछ समय तक सुरक्षित रहता है, लेकिन दूसरे प्रकार से दोबारा डेंगू हो सकता है। इसलिए बचाव हमेशा ज़रूरी है।

डेंगू से बचाव के उपाय

डेंगू से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है मच्छरों से बचना और उनके पनपने की जगह खत्म करना।

बचाव के आसान उपाय:

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घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें
कूलर और टंकी का पानी नियमित बदलें
पूरी बाजू के कपड़े पहनें
मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाले साधनों का उपयोग करें
खिड़की और दरवाज़ों पर जाली लगवाएँ
सुबह और शाम विशेष सावधानी रखें

डेंगू होने पर क्या सावधानी रखें?

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अगर डेंगू के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बिना डॉक्टर की सलाह कोई दवा न लें
पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ पिएँ
ज़्यादा आराम करें
डॉक्टर की सलाह से जाँच कराएँ
शरीर पर ज़्यादा ज़ोर न डालें

⚠️ खुद से इलाज करने से स्थिति बिगड़ सकती है।

डेंगू का इलाज

डेंगू का कोई विशेष इलाज या दवा नहीं है।
इलाज का मुख्य उद्देश्य लक्षणों को कम करना और मरीज को आराम देना होता है। सही समय पर इलाज मिलने से ज़्यादातर लोग पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।

कब तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ?

इन लक्षणों में देर न करें:
लगातार तेज बुखार
पेट में तेज दर्द
खून की उल्टी या मल में खून
बहुत ज़्यादा कमजोरी
चक्कर आना या बेहोशी

निष्कर्ष

डेंगू एक गंभीर लेकिन रोकथाम योग्य बीमारी है। साफ-सफाई, मच्छरों से बचाव और समय पर डॉक्टर से सलाह लेकर डेंगू के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। थोड़ी-सी सावधानी आपकी और आपके परिवार की सेहत सुरक्षित रख सकती है।

अगर आपको कुछ और जानना हो, या पढ़ने का इरादा हो तो आप www.rabhatimes.com पर जाकर पढ़ सकते है।
सबसे महत्वपूर्ण बात— अगर आपको किसी तरह के मच्छर ने काटा है, और आप जल्दी से ठीक नहीं हो पा रहे है, तो तुरन्त डॉक्टर से मिलकर जांच और दवा करवाए बिना किसी भी घरेलू उपाय के धन्यवाद।

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