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“अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस 2025: “क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व और भारतीय प्रवासी दिवस से इसका खास कनेक्शन!”

अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस हर साल 18 दिसंबर को मनाया जाने वाला विश्व भर का त्यौहार है। अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस दुनिया भर के लाखों प्रवासियों के योगदान , चुनौतियों और अधिकारों को उजागर करता है विश्व में प्रवासियों की संख्या तेजी से बढ़ते देख संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 4 दिसंबर 2000 को इसे आधिकारक रूप से घोषित किया था।

इतिहास (History):

अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस

अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस

अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस की जड़े 1990 के दशक में हुए वैश्विक बदलाव और मानव अधिकारों की भर्ती चिताओं से जुड़ी है इसकी शुरुआत मुख्य रूप से 18 दिसंबर 1990 को हुई। जब संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सभी प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों के अधिकारों के संरक्षण पर “अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन” को अपनाया था।

यह एक ऐतिहासिक कदम था क्योंकि इसमें पहली बार स्वीकार किया कि प्रवासियों के भी मूलभूत मानवधिकार होते हैं चाहे उनके कानूनी स्थिति कुछ भी हो दशकों तक प्रवासियों के योगदान और उनके संघर्ष को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयासों के बाद 4 दिसंबर 2000 को संयुक्त राष्ट्र ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की हर साल 18 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस के रूप में मनाया जाएगा ताकि सभी प्रवासियों को सम्मान मिल सके और उनके भी कानून नियम समान हो चाहे वह किसी भी देश के हिस्से में रहे इस दिवस का इतिहास, वैश्विक अर्थव्यवस्था, युद्ध , गरीबी और अमीरी , जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले पलायन को दर्शाता है।

आज का दिन दुनिया भर के लगभग 28 करोड़ प्रवासियों की सुरक्षा में उनकी भूमिका को रेखांकित करता है जहां भी बसे हैं वहीं उनकी कर्मभूमि है प्रवासियों से देश के अर्थव्यवस्था बनी रहती हैं।

अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस क्यों मनाया जाता है?

अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस को मनाने के निम्नलिखित कारण और उद्देश्य है जिससे प्रवासियों की सुरक्षा हो सके, उनको सम्मान मिल सके, अर्थव्यवस्था में उनकी भूमिका बनी रहे। जैसे —

1.प्रवासियों के अधिकारों की सुरक्षा

दुनिया भर में प्रवासी अक्सर भेदभाव, शोषण और हिंसा का शिकार होते हैं। उनको अपमानित किया जाता है, उनसे दूरी बनाया जाता है, तथा उनका नीचा दिखाया जाता है इसलिए इस दिन को मनाने का सबसे बड़ा कारण प्रवासियों के मानव अधिकारों की रक्षा करना है। उनको उनके अधिकारों को दिलाना, शोषण से बचाना है। 18 दिसंबर 1990 को संयुक्त राष्ट्र ने प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव अपनाया था जिसका उद्देश्य उन्हें कानूनी सुरक्षा प्रदान करना था और समाज में बराबर अधिकार देना था।

2. योगदान का सम्मान बढ़ाना

प्रवासी जिस देश में जाते है, वहां की अर्थव्यवस्था और बुनियादी इमारतों के निर्माण में उनका बड़ा सहयोग होता है। वे न केवल श्रम प्रदान करते है, बल्कि अपनी कला, संस्कृति और ज्ञान से उस देश को समृद्धि भी बनाते है। यह दिन उनके इस कठिन संघर्ष और परिश्रम को सम्मान देने के लिए मनाया है।

3. वैश्विक जागरूकता फैलाना

युद्ध, गरीबी, राजनीतिक अस्थिरता या जलवायु परिवर्तन के कारण लाखों लोग पलायन करने को मजबूर होते है। यह दिवस दुनिया का ध्यान इन गंभीर समस्याओं की ओर खींचता है ताकि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय मिलकर प्रवासन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए नीतियां तैयार कर सके।

4. ग्रह देश की आर्थिक मदद

प्रवासी लोग विदेशों में कमाया हुआ पैसा अपने देश वापस भेजते है, जिसे “रेमिटेंस” कहा जाता है। यह पैसा विकासशील देशों की गरीबी दूर करने और विकास में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है जिससे अपने देश की आर्थिक स्थिति में मदद मिल सके।

भारतीय प्रवासी दिवस क्या होता है?

भारतीय प्रवासी दिवस हर साल 9 जनवरी को मनाया जाता है जिसे PBD भी कहा जाता है। PBD को हर साल 9 जनवरी को इसलिए मनाया जाता है क्योंकि 9 जनवरी 1915 को महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से अपनी वकालत और वहां के आंदोलनों को पूरा करके भारत लौटे थे।

वापस भारत आने के बाद उन्होंने देश के स्वतंत्रता संग्राम का नेतृव किया और आजादी दिलाने के लिए संघर्ष किया, अंततः अहिंसा और हिंसा मिलके ब्रिटिशों को देश बाहर खदेड़ दिया और भारत आजाद हो गया। गांधी जी को दुनियां का सबसे अद्भुत और प्रभावशील “प्रवासी” माना जाता है, इसलिए उनकी वापसी के याद में हर साल 9 जनवरी को भारतीय प्रवासी दिवस मनाया जाता है।

अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस कैसे मनाएं?

अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस को कई तरीके से मना सकते है?

. हम इस दिन किसी और देश जाकर प्रवासी बने
. प्रवासियों की कहानी एक दूसरे को सुनाए
. सोशल मीडिया पर happy “International Migrants Day” लिखकर अपने प्रवासी दोस्तों को भेजे
. समाज में प्रवासियों के प्रति सम्मान की भावना, आदर सत्कार करे।

अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस 2025 की थीम क्या है?

इस बार की थी कुछ अलग है जो हमारी संस्कृति को उजागर करती है।
थीम — “मेरी महान कहानी: संस्कृति और विकास”। यह तीन मानव गतिशीलता के सकारात्मक पक्ष पर जोर देती है, कैसे प्रवासन विकास को गति देता है , समाज को समृद्ध बनता है , संस्कृतियों को जोड़ता है और समुदायों को अनुकूल स्थिति में ले जाकर सहयोग और शक्ति प्रदान करता है।

निष्कर्ष (Conslusion)

अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस हमें यह सिखाता है कि प्रवासी चाहे अंतरराष्ट्रीय स्तर के हूं यह हमारे अपने देश के, वे केवल एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने वाले लोग नहीं हैं बल्कि वे संस्कृति , ज्ञान, और अर्थव्यवस्था के वाहक है। जहां अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस हमें पूरी दुनियां के प्रवासियों के मानव अधिकारों और उनकी गर्म की रक्षा करने की याद दिलाता है जिससे उनका कोई ठेस न पहुंचे, हिंसा के शिकारी ना हो, समाज में शोषण ना हो पाए , वहीं “भारतीय प्रवासी दिवस” हमें हमारे उन जड़ों से जोड़ता है जो सात समंदर पार भी अपनी भारतीयता को जीवित रखे हुए हैं जो हमारे आजादी के संघर्ष को याद दिलाता है।

आज के इस वैश्विक युग में प्रवासन मजबूरी नहीं, बल्कि विकास का एक मजबूत आधार बनना चाहिए। हमें एक ऐसे समावेशी समाज का निर्माण करना होगा जहां किसी भी व्यक्ति को उसकी भौगोलिक पहचान के आधार पर नहीं बल्कि उसके ज्ञान , कौशल, योगदान और उसकी मानवता के आधार पर सम्मान मिले।

अंत में यह समझना आवश्यक है कि प्रवासी जहां जाते हैं, उसे धारा को अपने श्रम से सीखते हैं और जहां से आते हैं, उसे मातृभूमि को अपनी उपलब्धियां से गौरवान्वित करते हैं। वास्तव में ” वसुधैव कुटुंबकम” ( पूरी पृथ्वी एक परिवार है) यह दिल्ली के G 20 शिखर सम्मेलन का थीम था, जो पूरे विश्व में घोषित हुआ था। इस नारे की भावना को प्रवासी ही सबसे सटीक रूप से चरितार्थ करते हैं।

सारांश (Summary):

इस लेख में आपको “अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस” का संपूर्ण वर्णन सरल भाषा में मिलेगा साथ ही “भारतीय प्रवासी दिवस” का महत्वपूर्ण तथ्य देखने को मिलेगा यह लेख बहुत ही रोचक और विकास पूर्ण है जिससे प्रवासियों को सम्मान , प्रेम मिल सके।

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